Know About Sensex & Nifty | Share Market Blogs in Hindi
What is sensex and nifty ( सेंसेक्स और निफ्टी क्या है )
Nifty और sensex क्या है स्टॉक एक्सचेंज क्या है ? भारत में कितने स्टॉक एक्सचेंज है ? NSE और BSE क्या और ये कब स्थापित हुए । ये सब हम जानेंगे इस ब्लॉग में ।
इसके विपरीत जहा बेचने वाले ज्यादा हो और खरीददार कम हो , वहा शेयर के भाव गिर जाते है , इसलिए उसे bearish market भी कहते है । stock exchange में मुख्य दो प्रकार exchange है । bombay stock exchange and national stock exchange.
BSE -. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज जो 1875 में स्थापित हुआ । एक दुनिया का 12 सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है । यह दलाल स्ट्रीट मुम्बई (महाराष्ट्र) में स्थित है । BSE में 5500 से ज्यादा कम्पनीज रजिस्टर्ड है ।
Sensex -. Sensitive + index से बना है sensex word | BSE में 5500 से ज्यादा कम्पनीज है , हम चाहे तो भी उन सभी को ट्रैक नहीं कर सकते तो इसलिये sensex बना , BSE की कम्पनीज की मूवमेंट को देखना है कि कंपनी अच्छा कर रही है या नहीं ये सब आपको सेंसेक्स से पता चल जायेगा । सेंसेक्स में टॉप की 30 कम्पनीज है , जो अपने अपने सेक्टर की मार्किट लीडर है वो sensex में है ।
NSE – national stock exchange जो 1992 में स्थापित हुआ । यह दुनिया का 10वा बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है । NSE भी मुम्बई में स्थित है । यहाँ 1600 से ज्यादा कम्पनीज दर्ज है ।
Nifty – nifty word national + fifty से बना । NSE ko represent nifty करता है । nifty में 50 कम्पनीज है इसलिए इसे nifty 50 भी कहा जाता है। अगर आपको बैंक सेक्टर के बारे में जानना है तो आप सारे bank को ट्रैक करने की बजाय nifty bank को देख के पता चल जायेगा की बैंक कैसा perform कर रहे है ? अगर निफ़्टी बैंक के साथ लाल निशान है तो समझलो मार्किट bearish है , अगर हरे निशान में है तो मार्किट bullish है ।
Sensex और nifty –
कई बार आपके दिमाग में एक प्रश्न आता होगा की हम शेयर BSE से ख़रीदे या NSE से ? देखिये दोनों की मार्किट अलग अलग है , दोनों की demand अलग अलग है , जहा पर जिस शेयर की demand ज्यादा होगी वहाँ उस शेयर की कीमत ज्यादा होगी , जिस शेयर की demand कम होगी उस शेयर का भाव कम होगा । आप large cap , mid cap ,small cap किसी भी कंपनी में निवेश कर सकते है उससे पहले हम इन कम्पनीज को अच्छी तरह समझ लेते है ।
Small cap companies – Small cap companies वो होती है जिनका मार्किट कैपिटलाइजेशन 5000 करोड़ से कम होता है उन्हें small cap companies कहा जाता है । इन कम्पनीज में रिस्क बहुत ज्यादा होता है , क्योंकि इनके बढ़ने के चान्सेस 50% होते है , परन्तु यदि आप देख परख कर कंपनी के चुनेगे तो ये रिटर्न भी आपको सबसे ज्यादा देंगी । उदाहरण :. Rail vikas nigam , lux industries, NIIT Technologies आदि।
Mid cap companies – Mid cap companies वो होती है जिनका मार्किट कैपिटलाइजेशन 5000 से 20000 करोड़ तक होता है । इस तरह की कंपनी में रिस्क small cap companies से कम होता है । इन कम्पनीज में आपका निवेश करना अच्छा रहेगा क्योंकि इनके बढ़ने के चान्सेस बहुत ज्यादा होते है । उदाहरण : tata power, emami , godrej ,ashok Leyland आदि ।
Large cap companies – Large cap companies वो होती है जिनका मार्किट कैपिटलाइजेशन 20000 करोड़ से ज्यादा होता है , उनको Large cap companies कहा जाता है । इन कम्पनीज में रिस्क कम होता है । यह कम्पनीज रिटर्न इतना नहीं दे पाती क्योंकी इनकी मार्किट कैपिटलाइजेशन पहले ही इतनी ज्यादा होती है। परंतु यदि आप इन कम्पनीज में लंबे समय के लिए निवेश करेगे तो ये आपको अच्छा रिटर्न बना के देंगी। उदाहरण : reliance industries, Infosys , itc , hdfc , icici bank. आदि।
शेयर मार्किट के बारे में यदि आप सब जानना चाहते है तो अप इस book को जरुर पढ़े और यह क्लिक करे https://amzn.to/2CEhRtS
अब मुझे लगता है आपको sensex और nifty का आपको अच्छी तरह समझ आ गई होगी । अगर आप मुझसे कुछ पूछना चाहते है तो मुझे कमेंट कर के भी पूछ सकते है या मेरी ईमेल आईडी है wadhwatarun321@gmail.com ।
कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें